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प्रकाश करात

लेखक-सी.पी .आई.(एम) पोलिट ब्यूरो सदस्य है

 आरएसएस प्रमुख के फासीवादी बोल

  • Oct 19, 2019

आरएसएस प्रमुख का भाषण, हमारे देश में हुए दक्षिणपंथ के सुदृढ़ीकरण का सबूत है और आने वाले समय में जनतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, जनता की रोजी-रोटी और मौलिक अधिकारों पर होने जा रहे और ज्यादा हमलों की ओर इशारा करता है।

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मोदी-ट्रम्प जोड़ी का ह्यूस्टन में तमाशा 

  • Oct 01, 2019

इस्राइल के बेंजामिन नेतन्याहू की ही तरह, नरेन्द्र मोदी भी डोनाल्ड ट्रम्प के विचारधारात्मक सहोदर हैं। वे सभी दक्षिणपंथी इथनो-राष्ट्रवादी मिजाज के हैं।

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असम की नागरिकता रजिस्टर प्रक्रिया किधर ?

  • Jul 28, 2019

वास्तव में इस प्रक्रिया अब तक जिस तरह से चलायी जा रही थी, उससे कितनी ही आशंकाएं पैदा हुई हैं और वैध भारतीय नागरिकों के  नाम दर्ज किए जाने के मामले में बहुत सारी त्रुटियां सामने आयी हैं।

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भाजपा-आरएसएस के एजेंडा का असली चेहरा

  • May 03, 2019

प्रज्ञा ठाकुर, 2008 के मालेगांव विस्फोट कांड की अभियुक्त है। उस पर उस गिरोह की मुखिया होने का आरोप है, जिसने मालेगांव विस्फोट में विस्फोट को अंजाम दिया था।

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दस फीसद आरक्षण : किस के हित में ? इससे किस का भला होगा?

  • Jan 31, 2019

सी पी आइ (एम) ने अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण को इस आधार पर सही ठहराया था कि इन तबकों को सामाजिक भेेदभाव झेलना पड़ा था जो संविधान के अनुसार उन्हें 'सामाजिक तथा शैक्षणिक रूप से पिछड़ा' बनाता है। इसलिए, अनुसूचित जाति तथा जनजाति की तरह, अन्य पिछड़ा वर्ग को भी आरक्षण दिए जाने की जरूरत थी।

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राजद्रोह कानून निरस्त करो-दुरुपयोग का रास्ता बंद करो

  • Jan 31, 2019

भाजपा सरकार के दुर्भावनापूर्ण रुख का ही नतीजा है कि पुलिस ने राजद्रोह की धारा (भारतीय दंड संहिता की दफा-124ए) का सहारा लिया है। यह वही कानून है जो ब्रिटिश औपनिवेशिक शासकों ने हमारे स्वतंत्रता संघर्ष के नेताओं के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए बनाया था।

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भाजपा राज के खिलाफ मजदूर वर्ग ने फूंका विद्रोह का बिगुल

  • Jan 24, 2019

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वïन पर हुई 8 और 9 जनवरी की दो दिन की हड़ताल को, भारत के मजदूर वर्ग के आंदोलन के इतिहास में मील का महत्वपूर्ण पत्थर माना जाएगा।

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रफाल सौदा : एक विवादास्पद फैसला

  • Jan 06, 2019

जनमत की अदालत में ही इसका भी उसी तरह से फैसला होगा, जैसे बोफोर्स का फैसला हुआ था।

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