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संपादकीय

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मंदसौर और अध्यात्म मोड में कमलनाथ सरकार

  • Mar 04, 2019

मंदसौर गोलीकांड तत्कालीन कारपोरेट चाकर संघ संचालित भाजपा सरकार और उसके द्वारा संरक्षित तथा पाले पोसे गये ट्रिगर हैप्पी पुलिस अफसरों द्वारा, संघ से जुड़े एक स्थानीय अनाज व्यापारी के कहने पर किया गया एक नृशंस हत्याकांड था - बाला बच्चन की क्लीन चिट इस कड़वी सच्चाई को बदल नहीं सकती।

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रतलाम नृशंसता और 'टाइगर जिंदा है (द्वितीय)

  • Jan 31, 2019

कुछ लोगों को रतलाम के एक आरएसएस कार्यकर्ता द्वारा बीमा के 20 लाख रूपये हड़पने के लिए अपने ही पुराने नौकर की ह्त्या करके खुद को मरा हुआ और मरे हुए को हत्यारा साबित करने की भयानक कथा फि़ल्मी लग सकती है । एक अलग थलग घटना के रूप में इसे देखने पर ऐसा लगना अजीब भी नहीं लगता । मगर जब इसे एक प्रवृत्ति के रूप में देखते हैं तो यह समाज...

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कांग्रेस के चबूतरे पर भाजपा का गोबर

  • Jan 24, 2019

राजकाज की दिशा के बदलने की एक अनिवार्य शर्त होती है; पिछले सत्ता प्रतिष्ठान के औजारों और प्रतीकों का बदला जाना - जो जुल्म और लूट में पिछली सरकार का जरिया रही थी उस नौकरशाही में उल्लेखनीय और दिखने लायक परिवर्तन करना।

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कुछ करो ! कुछ करते हुए दिखो तो सही !!

  • Jan 05, 2019

कहावत है कि पूत के पाँव पालने में ही दिख जाते हैं, इस लिहाज से जो लगता है वह आश्वस्ति नहीं जगाता।

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सम्पादक की मौत

  • Jul 21, 2018

दैनिक भास्कर के गु्रप एडीटर कल्पेश याग्निक इंदौर में अचानक चले गए, जाने के साथ ही अपने पीछे अनेक सवाल भी छोड़ गए। मृत्यु के बाद उनके परिवारजनों द्वारा पोस्टमार्टम की जिद करने से भी उन कयासों को बल मिला है, जो कल्पेश की मौत के बाद से लगातार उठ रहे है। सार्वजनिक सूचना है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा, अस्पताल में फिर से दौरा आया और बचाया नहीं जा सका। मगर उनके शरीर...

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मंत्रीमंडल का विस्तार

  • Feb 19, 2018

अब जब विधान सभा चुनावों में कुछ माह ही शेष हैं, तब मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रीमंडल का विस्तार किया है। मगर अंगूर अभी टपके नहीं हैं। लटके हैं। मुख्यमंत्री ने दोहराया है कि यह विस्तार अंतिम नहीं है।

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माकपा का राज्य सम्मेलन

  • Dec 13, 2017

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन 16 दिसंबर से मुरेना जिले की सबलगढ़ तहसील के मुख्यालय में होने जा रहा है। राजनीतिक पार्टियों के चुनाव होना कोई नई बात नहीं है। मगर पूंजीवादी दलों और क्रांतिकारी पार्टी के सम्मेलन में बुनियादी अंतर होता है।

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12 साल मचा बवाल

  • Dec 02, 2017

प्रदेश और देश के अखबारों में छपे विज्ञापनों का आंकलन किया जाये तो प्रदेश की जनता के पसीने की कमाई के कई करोड़ पानी की तरह बहा दिये गए हैं। यह बताने के लिए बहाये गए हैं कि प्रदेश में सत्ता पर बिराजे शिवराज को बारह साल हो गए हैं। हालांकि बारह ही क्यों? भाजपा सत्ता में 2005 में नहीं, 2003 में आई थी।

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विस्थापन के विरुद्ध

  • Nov 27, 2017

मध्यप्रदेश, कारपोरेट घरानों और भूमाफियाओं की चारागाह बन गया है। प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार चंद औद्योगिक घरानों और भूमाफियाओं के हितों को संरक्षण देने के लिए प्रदेश के किसानों, ग्रामीण गरीबों, विशेषकर दलितों और आदिवासिायों को उनकी पीढिय़ों से काबिज जमीनों से बेदखल किया जा रहा है।

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राम न रहीम के बंदे : सबके अपने गोरख धंधे

  • Nov 27, 2017

एक बलात्कारी को अपराधी करार दिये जाने के बाद केवल पंचुकला या हरियाणा में ही नहीं,बल्कि पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली में हुई हिंसा को इस तरह से देखे जाने की जरूरत है। राम रहीम को लेकर मीडिया अब जो भी खबरें दे रहा है। वह एक तरफा हैं। सौ एकड़ में फैला उसका आश्रम। आलीशान और भब्य रहन सहन। अरबों खरबों की संपत्ति। और न जाने और क्या क्या?

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