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महिला अधिकारों की लड़ाई के महानायक थे बाबा साहब

  • Apr 14, 2020

हिंदुस्तान की आज़ादी के आंदोलन के सबसे बड़े नेताओं में से एक डाॅ बाबासाहेब अम्बेडकर की बडी विषेषता को पीछे कर उन्हे केवल दलितों के नेता के तौर पर स्थापित करना वर्तमान सामाजिक राजनैतिक व्यवस्था की एक बड़ी साजिश थी। बाबासाहेब की राजनैतिक और सामाजिक यात्रा की तुलना केवल महात्मा गांधी से की जा सकती है जिन्होने राजनैतिक प्रश्नो के साथ साथ सामाजिक प्रश्नो को भी अपने लेखों, भाषणों, पुस्तकों में किया। भगतसिंह जरूर अपनी...

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बाबा साहब की अनदेखी का प्रतिफल घुटन भरा वर्तमान और आशंका भरा कल

  • Apr 14, 2020

मौजूदा समय विडम्बना का समय है। बिना किसी अतिशयोक्ति के कहा जाए तो ; देश और समाज एक ऐसे वर्तमान से गुजर रहा है जिसमे प्राचीन और ताजे इतिहास में , अंग्रेजो की गुलामी से आजादी के लिए लड़ते लड़ते  जो भी सकारात्मक उपलब्धि हासिल की गयी थी वह दांव पर है। समाज को धकेल कर उसे मध्ययुग में पहुंचाने पर आमादा अन्धकार के पुजारी पूरे उरूज़ पर हैं - संविधान...

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इतिहास का टर्निंग पॉइंट ; जलियांवाला बाग़ @101

  • Apr 13, 2020

इतिहास के साथ एक सुविधा है, इसे आराम से देखा जा सकता है।  दुविधा यह है कि दीवार पर लटकी तस्वीरों को बदलकर इसे बदला नहीं जा सकता।  इतिहास हमेशा मैक्रो रूप में होता है एक सूर्य के  दीप्तिमान पिंड पुंज की तरह।  इसे नैनो  या माइक्रो करके नहीं देखा जा सकता।  किरण या प्रकाश के आभासीय रेशे में तोड़कर या किसी व्यक्ति या दल से जोड़कर नहीं समझा जाता।  यह प्रवृत्ति और...

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अलविदा कामरेड मूर्ती, लाल सलाम  

  • Apr 12, 2020

कामरेड मूर्ती एक सच्चे अंतर्राष्ट्रीयतावादी थे।  भारत और फ्रांस में उनके योगदान इस बात का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। 

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भोपाल में दो लाख लोग भूख की यातना से गुजरने को मजबुर

  • Apr 11, 2020

कोरोना को लेकर देश में चल रहे लॉकडाउन की वजह से लाखो लोगो के भूखे मरने की नौबत आ गई है। भोपाल एवं प्रदेश में खाने-पीने की चीजो की कमी एवं प्रशासन की विफलता को लेकर लोकजतन के संपादक बादल सरोज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भुखमरी से निपटने के लिये जल्द ही ठोस उपाय उठाने की मांग की है। माननीय प्रिय मुख्यमंत्री जी

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पी के मूर्ती : एक असाधारण क्रांतिकारी 

  • Apr 11, 2020

22 मार्च की देर रात पॉन्डिचेरी के नल्लम क्लिनिक में कामरेड पी के मूर्ती ने आखिऱी सांस ली। वे अपने बचपन के दोस्त और पॉन्डिचेरी के सबसे लोकप्रिय चिकित्सक डॉ. नल्लम की देखरेख में दो साल से इलाज करा रहे थे - हम सबको बताया एक साल पहले ही था। अपनी तकलीफों और कामयाबियों के बारे में बताना उनकी आदत में नहीं था।   फ्रांसीसी कब्जे वाली पॉन्डिचेरी के 10 बड़े परिवारों में से एक...

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महामारी के कुछ बुनियादी सबक 

  • Apr 10, 2020

इस बार की महामारी कौन सा रास्ता लेगी, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। वैश्विक महामारियां विचित्र पैटर्नों का प्रदर्शन करती हैं।

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कोविड -19 की चुनौती - केरल कैसे मुकाबला कर रहा है !

  • Apr 07, 2020

25 जनवरी को इस बीमारी का मुकाबला करने के लिए जरूरी कदमों के संबंध में स्वास्थ्य अधिकारियों और स्थानीय स्वशासी संस्थाओं के लिए, आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए। 28 जनवरी तक, जिलों में भी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा चुके थे।

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केरल की तरह समग्र पैकेज घोषित किया जाए : माकपा  

  • Apr 06, 2020

बजाय राहत देने के पूरे प्रदेश में आम जनता पर पुलिसिया हमले जरूर हुए हैं। लेकिन मुख्यमंत्री ने इन शर्मनाक घटनाओं पर भी न केवल चुप्पी साध ली है, बल्कि पुलिस की पीठ थपथपाने का ही काम किया है।

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लेकिन किन्तु परन्तु अगर मगर फिर भी से परे है मोरोना वायरस

  • Apr 04, 2020

बीते बुधवार को इंदौर की टाटपट्टी बाखल में कोरोना संभावित बुजुर्ग को जांच के लिए लेने गयी डॉ ज़ाकिया सैयद और नर्सेज, पैरा मेडिकल स्टाफ के साथ जिस तरह की बेहूदगी और बदतमीजी हुयी उसकी सिर्फ निंदा, भर्त्सना और मज़म्मत ही की जा सकती है। उसे लेकर किसी भी लेकिन, किन्तु, परन्तु, अगर, मगर, फिर भी जैसी पतली गली तलाशना किसी मुकाम पर नहीं पहुंचाता। ऐसा करने वाले, कुछ जाने में और काफी कुछ अनजाने...

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