Sidebar Menu

विशेष

Home / विशेष

सिंधिया के सामने दो ही विकल्प

  • Jun 03, 2020

ग्वालियर में प्रद्युमन सिंह को महल और नरेंद्र सिंह तोमर का सहारा है। मगर जयभान सिंह पवैया वनवास लेने को तैयार नहीं हैं।

Read More

50 वर्ष की सीटू - जिसने मजदूर आंदोलन की दशा और दिशा बदल दी

  • May 30, 2020

अगर भारत के मजदूर आन्दोलन के एक असंबध्द छात्र के रूप में भी देखें तो साफ़ दिखाई देता है कि सीटू - सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन्स - भारत की ट्रेड यूनियनों का केंद्र - आंदोलन, संगठन और मकसद के जुड़ाव का एक कॉपी बुक डेमोंस्ट्रेशन है - शास्त्रीय प्रमाण है - एक ऐसी मिसाल है जिसके आधार पर मजदूर आंदोलन कैसे संगठित किया जाना चाहिए इसकी पाठ्य पुस्तक लिखी जा सकती है।

Read More

महिला अधिकारों की लड़ाई के महानायक थे बाबा साहब

  • Apr 14, 2020

हिंदुस्तान की आज़ादी के आंदोलन के सबसे बड़े नेताओं में से एक डाॅ बाबासाहेब अम्बेडकर की बडी विषेषता को पीछे कर उन्हे केवल दलितों के नेता के तौर पर स्थापित करना वर्तमान सामाजिक राजनैतिक व्यवस्था की एक बड़ी साजिश थी। बाबासाहेब की राजनैतिक और सामाजिक यात्रा की तुलना केवल महात्मा गांधी से की जा सकती है जिन्होने राजनैतिक प्रश्नो के साथ साथ सामाजिक प्रश्नो को भी अपने लेखों, भाषणों, पुस्तकों में किया। भगतसिंह जरूर अपनी...

Read More

बाबा साहब की अनदेखी का प्रतिफल घुटन भरा वर्तमान और आशंका भरा कल

  • Apr 14, 2020

मौजूदा समय विडम्बना का समय है। बिना किसी अतिशयोक्ति के कहा जाए तो ; देश और समाज एक ऐसे वर्तमान से गुजर रहा है जिसमे प्राचीन और ताजे इतिहास में , अंग्रेजो की गुलामी से आजादी के लिए लड़ते लड़ते  जो भी सकारात्मक उपलब्धि हासिल की गयी थी वह दांव पर है। समाज को धकेल कर उसे मध्ययुग में पहुंचाने पर आमादा अन्धकार के पुजारी पूरे उरूज़ पर हैं - संविधान...

Read More

इतिहास का टर्निंग पॉइंट ; जलियांवाला बाग़ @101

  • Apr 13, 2020

इतिहास के साथ एक सुविधा है, इसे आराम से देखा जा सकता है।  दुविधा यह है कि दीवार पर लटकी तस्वीरों को बदलकर इसे बदला नहीं जा सकता।  इतिहास हमेशा मैक्रो रूप में होता है एक सूर्य के  दीप्तिमान पिंड पुंज की तरह।  इसे नैनो  या माइक्रो करके नहीं देखा जा सकता।  किरण या प्रकाश के आभासीय रेशे में तोड़कर या किसी व्यक्ति या दल से जोड़कर नहीं समझा जाता।  यह प्रवृत्ति और...

Read More

अलविदा कामरेड मूर्ती, लाल सलाम  

  • Apr 12, 2020

कामरेड मूर्ती एक सच्चे अंतर्राष्ट्रीयतावादी थे।  भारत और फ्रांस में उनके योगदान इस बात का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। 

Read More

भोपाल में दो लाख लोग भूख की यातना से गुजरने को मजबुर

  • Apr 11, 2020

कोरोना को लेकर देश में चल रहे लॉकडाउन की वजह से लाखो लोगो के भूखे मरने की नौबत आ गई है। भोपाल एवं प्रदेश में खाने-पीने की चीजो की कमी एवं प्रशासन की विफलता को लेकर लोकजतन के संपादक बादल सरोज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भुखमरी से निपटने के लिये जल्द ही ठोस उपाय उठाने की मांग की है। माननीय प्रिय मुख्यमंत्री जी

Read More

पी के मूर्ती : एक असाधारण क्रांतिकारी 

  • Apr 11, 2020

22 मार्च की देर रात पॉन्डिचेरी के नल्लम क्लिनिक में कामरेड पी के मूर्ती ने आखिऱी सांस ली। वे अपने बचपन के दोस्त और पॉन्डिचेरी के सबसे लोकप्रिय चिकित्सक डॉ. नल्लम की देखरेख में दो साल से इलाज करा रहे थे - हम सबको बताया एक साल पहले ही था। अपनी तकलीफों और कामयाबियों के बारे में बताना उनकी आदत में नहीं था।   फ्रांसीसी कब्जे वाली पॉन्डिचेरी के 10 बड़े परिवारों में से एक...

Read More

महामारी के कुछ बुनियादी सबक 

  • Apr 10, 2020

इस बार की महामारी कौन सा रास्ता लेगी, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। वैश्विक महामारियां विचित्र पैटर्नों का प्रदर्शन करती हैं।

Read More

कोविड -19 की चुनौती - केरल कैसे मुकाबला कर रहा है !

  • Apr 07, 2020

25 जनवरी को इस बीमारी का मुकाबला करने के लिए जरूरी कदमों के संबंध में स्वास्थ्य अधिकारियों और स्थानीय स्वशासी संस्थाओं के लिए, आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए। 28 जनवरी तक, जिलों में भी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा चुके थे।

Read More